यंत्रों पर अनुदान (50%)
कृषि को आधुनिक, सरल और लागत-प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग, महोली द्वारा किसानों को विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50% तक का अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे, मध्यम एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराना है, जिससे खेती की उत्पादकता बढ़े और श्रम व लागत में कमी आए।
योजना का उद्देश्य
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना
खेती में लगने वाले समय और श्रम को कम करना
उत्पादन क्षमता एवं फसल की गुणवत्ता बढ़ाना
किसानों की आय में वृद्धि करना
परंपरागत खेती को यांत्रिक खेती में बदलना
अनुदान योग्य कृषि यंत्र
इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित कृषि यंत्रों पर 50% तक का अनुदान दिया जाता है (राज्य/केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार):
पावर टिलर
रोटावेटर
कल्टीवेटर
सीड ड्रिल
हैप्पी सीडर
रीपर / रीपर-बाइंडर
स्प्रे पंप (बैटरी/पावर चालित)
थ्रेसर
मल्चर
लेजर लेवलर
अन्य स्वीकृत कृषि यंत्र
नोट: अनुदान की राशि यंत्र की श्रेणी, किसान की पात्रता एवं शासन के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है।
पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
आवेदक किसान भारत का नागरिक हो
किसान के पास वैध कृषि भूमि हो
किसान का नाम खतौनी में दर्ज हो
आधार कार्ड एवं बैंक खाता अनिवार्य
किसान किसी अन्य समान योजना का लाभ उसी यंत्र पर न ले रहा हो
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
भूमि के दस्तावेज (खतौनी)
बैंक पासबुक की प्रति
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
आवेदन प्रक्रिया
किसान कृषि विभाग, महोली कार्यालय या अधिकृत पोर्टल पर आवेदन करें
आवेदन फॉर्म सही जानकारी के साथ भरें
आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें
विभाग द्वारा सत्यापन के बाद आवेदन स्वीकृत किया जाएगा
स्वीकृति के पश्चात किसान यंत्र क्रय कर सकेगा
अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी
अनुदान का लाभ
यंत्र की कुल लागत का 50% तक अनुदान
खेती में आधुनिक तकनीक का उपयोग
समय, श्रम और लागत में बचत
अधिक उत्पादन और बेहतर फसल गुणवत्ता